14.11.1994
चाचा नेहरु
ना ऍसा बनो, ना वैसा बनो!
बन सको तो चाचा नेहरु जैसा बनो।
मोती के लाल थे वो,
दोलत का नशा कभी नही चखे वो।
जीवन की हर खुशीयाँ को त्याग दी।
आजादी के जंग मे भाग ली।
ना ऍसा बनोँ...
गाँधी के दाँया हाथ बने वो,
आजादी के जंग मे सदा साथ रहे वो।
उनकी मेहनत रंग लाई।
तब जाकर हमने आजादी पाईं।
ना ऍसा बनो..
आजादी मिल गई थी हमे
देश घायल था हमारा
टुकडो टुकडो मे बटने लगे थे हम,..
तब चाचा ने ऐकता की भडी दम।
ना ऍसा बनो..
बच्चो मे उनकी आत्मा का वास थी।
कल का भविष्य होने का आभास था।
हम सब के जान के प्यारे थे वो।
एक इंसान जडा निराले थे वो।
ना ऍसा बनोँ..
इस धरती पर ना रहे अब वो।
जाने किस रुप मे आ जाये कब वो
जीवन के नाव तो चलते रहेगे।
चाचा के तस्वी दिल मे सदा खिलते रहेगे।
ना ऍसा बनो..
(C) कुमार मनोज
9015387604
चाचा नेहरु
ना ऍसा बनो, ना वैसा बनो!
बन सको तो चाचा नेहरु जैसा बनो।
मोती के लाल थे वो,
दोलत का नशा कभी नही चखे वो।
जीवन की हर खुशीयाँ को त्याग दी।
आजादी के जंग मे भाग ली।
ना ऍसा बनोँ...
गाँधी के दाँया हाथ बने वो,
आजादी के जंग मे सदा साथ रहे वो।
उनकी मेहनत रंग लाई।
तब जाकर हमने आजादी पाईं।
ना ऍसा बनो..
आजादी मिल गई थी हमे
देश घायल था हमारा
टुकडो टुकडो मे बटने लगे थे हम,..
तब चाचा ने ऐकता की भडी दम।
ना ऍसा बनो..
बच्चो मे उनकी आत्मा का वास थी।
कल का भविष्य होने का आभास था।
हम सब के जान के प्यारे थे वो।
एक इंसान जडा निराले थे वो।
ना ऍसा बनोँ..
इस धरती पर ना रहे अब वो।
जाने किस रुप मे आ जाये कब वो
जीवन के नाव तो चलते रहेगे।
चाचा के तस्वी दिल मे सदा खिलते रहेगे।
ना ऍसा बनो..
(C) कुमार मनोज
9015387604
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