जीवन तू संघर्ष है,
नित नए रंग दिखलाता है।
नित्य यहाँ कुछ खोए कोई,
कोई कुछ पाता है।
तेरा है आचरण अनूप,
पल पल बदले तेरे रुप।
इक पल मे तू बने समन्दर,
दूजे पल छोटा सा कूप।
कुछ को खाली कर देता तू.
और कुछोँ को भर जाता है।
जीवन तू संघर्ष है,
नित नए रंग दिखलाता है।
जो जीवन मे हार मान ले,
वो बोलो क्या मानव है।
जो संघर्ष ना कर पाए,
समय लगे उसे दानव है।
व्यर्थ गवाता है जो समय,
समय उसको खा जाता है।
जीवन तू संघर्ष है,
नित नए रंग दिखलाता है।
कौन याद करेगा उसको,
जो ना कभी लड सका।
जीवन की संघर्ष राह पर,
जो ना कभी अड सका।
गुमनाम होकर वो,
इतिहास के पन्नो मे खो जाता है।
जीवन तू संधर्ष है,
नित नए रंग दिखलाता है।
(C) कुमार मनोज
09871784593
नित नए रंग दिखलाता है।
नित्य यहाँ कुछ खोए कोई,
कोई कुछ पाता है।
तेरा है आचरण अनूप,
पल पल बदले तेरे रुप।
इक पल मे तू बने समन्दर,
दूजे पल छोटा सा कूप।
कुछ को खाली कर देता तू.
और कुछोँ को भर जाता है।
जीवन तू संघर्ष है,
नित नए रंग दिखलाता है।
जो जीवन मे हार मान ले,
वो बोलो क्या मानव है।
जो संघर्ष ना कर पाए,
समय लगे उसे दानव है।
व्यर्थ गवाता है जो समय,
समय उसको खा जाता है।
जीवन तू संघर्ष है,
नित नए रंग दिखलाता है।
कौन याद करेगा उसको,
जो ना कभी लड सका।
जीवन की संघर्ष राह पर,
जो ना कभी अड सका।
गुमनाम होकर वो,
इतिहास के पन्नो मे खो जाता है।
जीवन तू संधर्ष है,
नित नए रंग दिखलाता है।
(C) कुमार मनोज
09871784593
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