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06 कविता:- उनसे भी मुझे सीख ही मिली।

उनसे भी मुझे सीख ही मिली,
ना व्यर्थ गया जीवन सारा।
मै आभारी हुँ उस मन का,
जिसको कभी ना हुआ गवारा।
स्नेह बहुत था जिनसे.
जो ना रहा हमारा।
धन्य हुआ मै तुझको खोकर,
जो तुने  किया किनारा।

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