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15 कविता :- होली आई ।।

होली आई होली आई।

अलहर यौवन पर रंग चढाने आई होली
प्रिय की मिलन की आस जगाने आई होली।

अपने पराये शिकवे दुर मिटाने आई होली।
लाल हरा नीला पीला रंग लगाने आई होली।

प्रिय के गालो गुलाल लगाके आई  होली।
पिचकारी से गोली के घाव भरने आई होली।

प्रिय को प्रिय से मिलाने आई होली।
पक्ष , विपक्ष को साथ मिलाने  आई होली।

अहम की दिवार गिराने आई होली।
इंसान का इंसान से फासला मिटाने आई होली।

राम जी कि अयोध्या को रंग लगाके आई होली।
ठाकुर जी के मथूरा मे रास रचाके आई होली।

होली आई होली आई।

कुमार मनोज
9871784593

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