यहाँ के या वहाँ के।
छोडो भी ख्याल,सारे जहाँ के ।
यहाँ का ही सोचो,तुम रह के यहाँ पे ।।
यहाँ के लिए खाये थे तुम नमक यहाँ के,
तो फिर,गुणगान कैसे की वहाँ के ।।
धोबी के, कुत्ते सी हालत तुम्हारी है,
ना हो तुम यहाँ के, ना हो तुम वहाँ के ।
अभी भी संभल जाओ,प्यारे कन्हैया,
नमक खाओ जहाँ के गीत गाओ वहाँ के।
मनोज ठाकुर
9871784593
7503059322
छोडो भी ख्याल,सारे जहाँ के ।
यहाँ का ही सोचो,तुम रह के यहाँ पे ।।
यहाँ के लिए खाये थे तुम नमक यहाँ के,
तो फिर,गुणगान कैसे की वहाँ के ।।
धोबी के, कुत्ते सी हालत तुम्हारी है,
ना हो तुम यहाँ के, ना हो तुम वहाँ के ।
अभी भी संभल जाओ,प्यारे कन्हैया,
नमक खाओ जहाँ के गीत गाओ वहाँ के।
मनोज ठाकुर
9871784593
7503059322
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