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02 कविता :- अपना बिहार

देख लो माँ सीता तेरी मिथिला बनी बिहार है।
देख लो शिव(उगना) विद्यापति घर बना बिहार है।
बौध विहारो शब्द से बना शब्द ये बिहार है।
महाबीर, बुद्द गुरुगोबिन्द सिह कि जन्म भूमि बना बिहार है।

ऐतिहासिक अंगराज, मंगधराज आज का बिहार है।
कभी किसी को नही सताने बाला प्राँत बिहार है!
मुगलो को दो दो वार हराने बाला प्राँत बिहार है।
भारत मे स्वदेशी की नीव रखनेवाला प्राँत बिहार है।

गाँधीजी का पहला सत्याग्रह चलानेवाला प्राँत बिहार है।
राष्टीय आंदोलन को वीर कुँवर सिह देने वाला प्राँत बिहार है।
देश को प्रथम राष्टपति राजेन्दर प्रसाद देनेवाला बिहार है।
आर्य भट्ट, जे पी की मात्रभुमि बना बिहार है।

गोदना अहीपन लोककला वाला प्राँत बिहार है।
अदभूत मधुबनी पेन्टीग रंगने वाला प्राँत बिहार है।
धाधरा गंडक बागमती कमला कोशी वाला प्राँत बिहार है।
सोन पुनपुन कर्मनासा बहने वाला प्राँत बिहार है।

संसार को पहला लोकतंत्त बैशाली देनेबाला प्राँत बिहार है।
कभी कुशासन कभी सुशासन कहलाने वाला प्राँत बिहार है।
संसार को पहला विश्वविद्यालय नालंदा देनेवाला प्राँत बिहार है।
फिर क्यो आज शिक्षा मे पिछडा प्राँत बिहार है।

#(C) कुमार मनोज
09871784593

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