कभी कश्मीर माँगता है,कभी पंजाब माँकता है। वही हिमाकत,वही नादानियाँ,बार बार करता है। बार बार अपनी औकात,भूल जाता है! और मुँह की खाने,आ जाता है। तेरे जैसे कुत्ते,सीमा पर भौका करते है। जव जव जागे क्रोध हमारा,बैमौत मरा वो करते है। तुझको कैसे दे देँ ,कश्मीर कोई खैरात नही है। तू कश्मीर कोअपना कर ले,ये तेरीऔकात नही है। केवल एक प्रदेश नही ये,हिन्दूस्तान का ताज है ये। हम जिसपर,मर मिट सकते है !हर हिन्दूस्तानी का, नाज है ये ! हमको मत समझ सरल दरिया !हम तो तुफानी मौजे है। मत समझ कि,हम गलफत मे है,मुस्तैदहिन्द की फौजे है। सौचता था एक प्पु,अपने ही गले पडा है। अब जाना की,सरहद पार,प्पुओ से भडा है। कभी कश्मीर माँगता है,कभी पंजाब माँगता है। वही हिमाकत,वही नादानियाँ,बार बार करता है। (C) कुमार मनोज 09871784593