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दिल्ली चुनाव के बाद

Congratulations to AAP and Shri @ArvindKejriwal Ji for the victory in the Delhi Assembly Elections. Wishing them the very best in fulfilling the aspirations of the people of Delhi.

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केजीवाल महराज की जय।

*माननीय श्री अरविंद केजरीवाल भाई को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने की बहुत बहुत शुभकामनाएं !  सर आपसे देश को बहुत आशायें है देश के कोने कोने मे आज भी करोड़ों गरीब लोग हैं जिनके पास खाने को अन्न नही पहनने को कपडे नही रहने को मकान नही इसलिए श्रीमान केजरीवाल जी ये देश चाहता है आप देश के प्रधानमंत्री बने और पूरे देश को यही सौगात दें जो आपने दिल्ली की जनता को दिया है आखिर जनता दिल्ली की हो या देश के किसी भी कोने की आखिर है तो वो इसी देश का नागरिक ही! !  इसलिए श्रीमान केजरीवाल जी आप अपनी पार्टी का विस्तार करिये ओर फिर देश की जनता आपको यहां से बाहर भी निकालकर प्रधानमंत्री बनाना चाहती है ताकी आप पूरे देश के नागरिको को बिजली,  पानी ,  शिक्षा,  स्वास्थ्य,  वाईफाई,  सफर,  बैक लोन फ्री मे दे सको जिससे जनता को इन सबका बिल न देना पडे ।।* *श्रीमान केजरीवाल जी आपसे विनम्र निवेदन है कि आप जीएसटी की दर को भी कम कर दें या राज्य सरकार के टैक्स को भी समाप्त कर दे जिससे व्यापारी वर्ग और आम उपभोक्ताओं को फायदा मिल जाय और आम जनता की जेबे कटने से बच जाय! !*   *श्रीम...

होली मेसन 2019

आलू का समोसा खाकर लालू गए जेल। पप्पू का सोना बनाने का फर्रमुला हो गया फैल।। जोगीरा सारा रारा,____'_

मुक्तक माला

मैं जन की बात करता रहा वो धन की बात समझती रही . मै गन की बात करता रहा वो रण की बात समझती रही . अब ओर उसे कैसे समझाता मै..... मै "मन की बात" करता रहा वो फन की बात समझती रही .  किया नहीं किया,तुझे पाने के वास्ते। क्या नही किया, तुझे मिल जाने के वास्ते। रात कि निन्द खोई दिन का चैन खोया.. एक बार गले लगाने के वास्ते। इस जमीन से, उस आसमान तक ! उस आसमान से,उस आसमान तक। जव देखता हूँ, जिधर देखता हूँ ! तेरा चेहरा दिखता है,उस आसमान तक। ना हम मंदिर भुले है। ना हम मस्जिद भुले है। कुछ भुले है अगर तो, काम का तहजिव भूले है। हमने भी कश्म खा ली थी। बेशक दिल्ली मे शर्दी भाडी थी। शर्दी को शर्दी माना तभी, जब केजरी ने मफलर डाली थी। मेरे तन मे है तू। मेरे मन मे है तू। तेरा क्या नाम दू, तूझमे हूँ मै मुझमे है तू। या खुदा तू ही बता क्या कसूर मेरा था! मैने उसे पाना चाहा था जो सिर्फ मेरा था। मेरा था या मेरे समझ का फेरा था। वो जो भी था जैसा भी था मेरा था। (c) कुमार मनोज 9871784593