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25 कविता :- बदलाव


प्रेमिका जब
पत्नी बन जाती है !
तो कैसे उसकी
स्वभाव
बदल जाती है।

पहले पुकारती थी,
हेलो
हाऊ आर यू
जानू।

अब पुकारती है,
कलमुहे
कहाँ मर गया
तू। 

पहले
फोन करके
पुछती थी,
जानू
कल डेट पर चलोगे?

अब
डाँटकर कर
कहती है,
घर सीधे आना
नही तो
आज फिर पिटोगे।

पहले
डेट पर कहती थी, 
तुम्हारे साथ
कितना मजा आ रहा हैं!
अब
घर पर कहती है
तुम्हारे साथ
जिना सजा लग रहा है।
पहले
कहती थी,
आज का मौसम
कितना हसीन है।
अब
कहती है,
मेरे भी कपडे
धो दो
खराब वार्शिग
मशीन है।
पहले
मुझसे मिलने का,
बहाना धुधती थी।
अब मुझसे
खाना पकवाने का
बहाना धुधती है।

पहले
प्यार से कहती थी,
जानू
हम साथ साथ है।
अब
भाईयो को
गिनकर कहती है,
हम
सात आठ है।

पहले
जिद कहती थी।
एक
बनारशी साडी
मुझे दिलाओ।

अव
जिम्मेदारी
समझ कर
कहती है,
आखरी दिन है
बिजली का बिल
भर आऔ।

पहले
शक करके
पुछती थी
औफिस मे
कोन होती है
तुम्हारे साथ।
अब
विस्वास के साथ
कहती है,
मैने
गलती नही की
थाम के
तुम्हारा हाथ।

(c) कुमार मनोज 
   09871784593

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